PC स्लो बूट होता है? इन 4 स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद करना है जरूरी

सुबह की शुरुआत में जब आपका PC आपको इंतजार कराता है, तो कितना झुंझलाहट भरा लगता है ना? काम शुरू करने की होड़ में, एक धीमी गति से बूट होने वाला कंप्यूटर आपकी प्रोडक्टिविटी को धीमा कर सकता है और आपका मूड खराब कर सकता है। यह सिर्फ एक छोटी सी असुविधा नहीं है, बल्कि यह आपके कीमती समय को भी बर्बाद करता है।

अगर आपका PC स्लो बूट होता है, तो इसकी एक बड़ी वजह आपके कंप्यूटर में ऑटोमेटिकली स्टार्ट होने वाले प्रोग्राम्स हो सकते हैं।

कई प्रोग्राम्स ऐसे होते हैं जिन्हें आप इंस्टॉल करते हैं और वे चुपचाप आपके सिस्टम के स्टार्टअप में अपनी जगह बना लेते हैं। हर बार जब आप अपना कंप्यूटर चालू करते हैं, तो ये सभी प्रोग्राम्स एक साथ लोड होने की कोशिश करते हैं, जिससे आपके सिस्टम पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है और PC को पूरी तरह से चालू होने में काफी समय लग जाता है। अच्छी खबर यह है कि आप इन अनावश्यक प्रोग्राम्स को आसानी से पहचान कर बंद कर सकते हैं।

यदि आप PC स्लो बूट के बारे में सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी है।

यह लेख आपको उन 4 मुख्य प्रकार के स्टार्टअप प्रोग्राम्स के बारे में बताएगा जिन्हें बंद करके आप अपने PC के बूटाइम को काफी हद तक सुधार सकते हैं। हम आपको यह भी बताएंगे कि इन्हें कैसे पहचानें और सुरक्षित रूप से कैसे अक्षम करें, ताकि आपका कंप्यूटर पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से बूट हो सके।

⏱️ 10 मिनट में पढ़ें

अपने स्टार्टअप प्रोग्राम्स को कैसे देखें और मैनेज करें

अपने स्टार्टअप प्रोग्राम्स को कैसे देखें और मैनेज करें

इससे पहले कि हम विशिष्ट प्रोग्राम्स की बात करें, यह जानना ज़रूरी है कि अपने कंप्यूटर पर स्टार्टअप प्रोग्राम्स को कैसे देखें और मैनेज करें। Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में, आप ‘Task Manager’ का उपयोग करके ऐसा कर सकते हैं।

सबसे पहले, ‘Ctrl + Shift + Esc’ दबाकर या टास्कबार पर राइट-क्लिक करके ‘Task Manager’ खोलें। ‘Task Manager’ खुलने के बाद, ‘Startup’ टैब पर क्लिक करें। यहां आपको उन सभी प्रोग्राम्स की सूची दिखाई देगी जो आपके कंप्यूटर के साथ ऑटोमेटिकली शुरू होते हैं।

आप प्रत्येक प्रोग्राम के ‘Startup impact’ (प्रभाव) को भी देख सकते हैं, जैसे ‘High’, ‘Medium’, ‘Low’ या ‘None’ जिसका अर्थ है कि वह स्टार्टअप पर कितना संसाधन उपयोग करता है।

किसी भी प्रोग्राम को अक्षम (disable) करने के लिए, उस पर क्लिक करें और फिर नीचे दाएं कोने में ‘Disable’ बटन पर क्लिक करें। ध्यान रखें, किसी भी प्रोग्राम को अक्षम करने से पहले सुनिश्चित करें कि वह कोई महत्वपूर्ण सिस्टम प्रोसेस नहीं है। यदि आप किसी प्रोग्राम के बारे में निश्चित नहीं हैं, तो उसे अक्षम करने से पहले उसकी थोड़ी रिसर्च कर लें।

1. क्लाउड स्टोरेज और सिंक सेवाएं

आजकल हम सभी क्लाउड स्टोरेज का उपयोग करते हैं, जैसे Google Drive, Microsoft OneDrive, Dropbox या iCloud। ये सेवाएं फ़ाइलों को ऑनलाइन सिंक करने और कहीं से भी एक्सेस करने के लिए बहुत उपयोगी हैं। हालांकि, इनकी डेस्कटॉप ऐप्स अक्सर आपके PC के साथ ही स्टार्ट हो जाती हैं, भले ही आप तुरंत उनका उपयोग न कर रहे हों।

ये ऐप्स अक्सर बैकग्राउंड में चलती रहती हैं, लगातार फ़ाइलों को सिंक करती रहती हैं और आपके सिस्टम संसाधनों का उपयोग करती रहती हैं। बूट के समय, ये ऐप्स तुरंत सर्वर से कनेक्ट होने और किसी भी लंबित सिंक पूरा करने का प्रयास करती हैं, जिससे आपके स्टार्टअप प्रोसेस पर अनावश्यक भार पड़ता है। यदि आपका PC स्लो बूट होता है, तो ये ऐप्स एक बड़ा कारण हो सकती हैं।

क्या करें: यदि आप अपनी क्लाउड स्टोरेज सेवाओं का लगातार उपयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें स्टार्टअप से अक्षम कर देना एक अच्छा विचार है। आप उन्हें ज़रूरत पड़ने पर मैन्युअल रूप से खोल सकते हैं। इससे आपके बूटाइम में काफी सुधार हो सकता है और जब आप उनका उपयोग नहीं कर रहे होंगे तब वे पृष्ठभूमि में संसाधन नहीं खाएंगी।

उदाहरण के लिए, यदि आप OneDrive या Google Drive का उपयोग दिन में केवल कुछ बार करते हैं, तो उन्हें मैन्युअल रूप से खोलना स्टार्टअप पर उनके प्रभाव को कम कर देगा।

2. कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया ऐप्स

डिस्कॉर्ड, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, व्हाट्सएप डेस्कटॉप, स्लैक और अन्य मैसेजिंग ऐप्स हमारी दैनिक बातचीत का एक अभिन्न अंग बन गए हैं। सहूलियत के लिए, ये ऐप्स अक्सर इस तरह से कॉन्फ़िगर किए जाते हैं कि जैसे ही आपका कंप्यूटर चालू होता है, वे भी साथ में खुल जाएं। इसका मतलब है कि आप तुरंत संदेश भेजना और प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं।

लेकिन यही सुविधा आपके PC के बूट समय को भी धीमा कर सकती है। ये ऐप्स लगातार इंटरनेट से कनेक्ट रहने, नोटिफिकेशन्स चेक करने और अपडेट लोड करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। जब कई ऐसी ऐप्स एक साथ बूट होती हैं, तो वे एक साथ नेटवर्क संसाधनों और प्रोसेसिंग पावर के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिससे सिस्टम पर बहुत दबाव पड़ता है।

क्या करें: यदि आप इन कम्युनिकेशन ऐप्स का उपयोग केवल काम के घंटों के दौरान या विशेष समय पर करते हैं, तो उन्हें स्टार्टअप से अक्षम कर दें। आप उन्हें ज़रूरत पड़ने पर मैन्युअल रूप से खोल सकते हैं। इससे न केवल आपका PC तेज़ी से बूट होगा, बल्कि आप काम करते समय कम डिस्ट्रैक्ट भी होंगे, क्योंकि नोटिफिकेशन्स तभी आएंगी जब ऐप खुली होगी।

कुछ ऐप्स में उनकी सेटिंग्स के अंदर भी “Start with Windows” का विकल्प होता है, जिसे आप वहीं से भी बंद कर सकते हैं।

3. अनावश्यक अपडेट मैनेजर्स और गेम लॉन्चर्स

कई सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स, विशेष रूप से बड़े गेम और क्रिएटिव सॉफ्टवेयर सूट, अपने स्वयं के अपडेट मैनेजर्स या लॉन्चर्स के साथ आते हैं। उदाहरण के लिए, Adobe Creative Cloud, Steam, Epic Games Launcher, GOG Galaxy या NVIDIA GeForce Experience। ये प्रोग्राम्स अक्सर आपके PC के साथ ही शुरू हो जाते हैं, ताकि वे पृष्ठभूमि में अपडेट की जांच कर सकें या आपको तुरंत गेम्स तक पहुंच प्रदान कर सकें।

समस्या यह है कि इन मैनेजर्स को हमेशा सक्रिय रहने की आवश्यकता नहीं होती है। स्टीम या एपिक गेम्स लॉन्चर जैसे प्रोग्राम्स, बूट के समय खुद को लोड करके, आपके सिस्टम संसाधनों का उपयोग करते हैं, भले ही आप उस दिन कोई गेम खेलने वाले न हों। इसी तरह, एडोब क्रिएटिव क्लाउड का अपडेट मैनेजर लगातार यह जांच करता रहता है कि आपके किसी एडोब ऐप के लिए कोई नया अपडेट तो नहीं आया है।

क्या करें: इन अपडेट मैनेजर्स और गेम लॉन्चर्स को स्टार्टअप से अक्षम करना सुरक्षित है। जब आपको किसी गेम को खेलना हो या किसी एडोब ऐप का उपयोग करना हो, तो आप लॉन्चर या ऐप को मैन्युअल रूप से खोल सकते हैं। लॉन्चर खुलने पर वह अपने आप अपडेट की जांच कर लेगा।

यह आपके PC के स्टार्टअप पर लगने वाले समय को काफी कम कर सकता है और जब आप उनका उपयोग नहीं कर रहे होंगे तब वे पृष्ठभूमि में कोई संसाधन नहीं लेंगे।

4. प्रिंटर यूटिलिटीज और अन्य पेरीफेरल सॉफ्टवेयर

जब आप एक नया प्रिंटर, स्कैनर या यहां तक कि एक विशेष कीबोर्ड/माउस खरीदते हैं, तो उसके साथ अक्सर यूटिलिटी सॉफ्टवेयर भी आता है। ये यूटिलिटीज प्रिंटर की स्थिति की निगरानी करने, स्याही के स्तर की जांच करने या कस्टम बटन असाइनमेंट प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई होती हैं। हालांकि, इनमें से कई प्रोग्राम्स आपके PC के साथ ही शुरू हो जाते हैं, भले ही आप हर दिन प्रिंटर का उपयोग न करते हों।

उदाहरण के लिए, HP Smart, Canon My Image Garden, या Logitech Options जैसे सॉफ्टवेयर आपके बूट प्रोसेस में अनावश्यक रूप से जुड़ सकते हैं। यदि आपके पास कई पेरीफेरल हैं, तो उनके सभी संबंधित यूटिलिटीज एक साथ शुरू होकर आपके सिस्टम को धीमा कर सकती हैं।

क्या करें: यदि आप अपने प्रिंटर या अन्य पेरीफेरल का उपयोग केवल कभी-कभी करते हैं, तो उनकी यूटिलिटीज को स्टार्टअप से अक्षम कर देना सुरक्षित है। प्रिंटिंग या स्कैनिंग के लिए मुख्य ड्राइवर आमतौर पर तब भी काम करेगा जब यूटिलिटी ऐप बैकग्राउंड में नहीं चल रहा हो। आप ज़रूरत पड़ने पर इन यूटिलिटीज को मैन्युअल रूप से खोल सकते हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रिंटर ठीक से काम कर रहा है, एक बार यूटिलिटी बंद करने के बाद एक टेस्ट प्रिंट लेकर देखें।

अतिरिक्त टिप्स और सावधानियां

स्टार्टअप प्रोग्राम्स को मैनेज करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है:

  • शोध करें: यदि आप किसी प्रोग्राम के बारे में निश्चित नहीं हैं, तो उसे अक्षम करने से पहले ऑनलाइन खोज करें। कुछ प्रोग्राम सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं (जैसे ग्राफिक कार्ड ड्राइवर्स के कुछ घटक)।
  • धीरे-धीरे बदलें: एक बार में सभी प्रोग्राम्स को बंद न करें। एक या दो प्रोग्राम्स को अक्षम करें, फिर अपने PC को रीस्टार्ट करके देखें कि बूटाइम में कितना सुधार हुआ है और सब कुछ ठीक से काम कर रहा है या नहीं।
  • एंटीवायरस: अपने एंटीवायरस या सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को स्टार्टअप से अक्षम न करें। ये आपके सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्हें हमेशा सक्रिय रहना चाहिए।
  • ज़रूरत पड़ने पर दोबारा सक्षम करें: यदि आपको लगता है कि किसी प्रोग्राम को अक्षम करने से समस्या आ रही है, तो आप ‘Task Manager’ में जाकर उसे फिर से ‘Enable’ कर सकते हैं।

इन 4 प्रकार के प्रोग्राम्स को मैनेज करके आप अपने PC के स्टार्टअप प्रदर्शन में एक बड़ा अंतर देख सकते हैं।

FAQ

क्या सभी स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद कर देना चाहिए?

नहीं, सभी स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद नहीं करना चाहिए। कुछ प्रोग्राम्स, जैसे आपके एंटीवायरस सॉफ्टवेयर और महत्वपूर्ण सिस्टम ड्राइवर्स, आपके PC के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए आवश्यक होते हैं। केवल उन प्रोग्राम्स को बंद करें जिनकी आपको तुरंत ज़रूरत नहीं होती है और जिनकी आपको पहचान है।

अगर मैंने गलती से कोई जरूरी प्रोग्राम बंद कर दिया तो क्या होगा?

यदि आप गलती से कोई जरूरी प्रोग्राम बंद कर देते हैं, तो आपका PC शायद पूरी तरह से कार्य न करे या कुछ फीचर्स काम करना बंद कर दें। घबराएं नहीं! आप ‘Task Manager’ में वापस जाकर उस प्रोग्राम को फिर से ‘Enable’ कर सकते हैं। आपका PC रीस्टार्ट होने पर वह प्रोग्राम फिर से चालू हो जाएगा।

स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद करने से क्या मेरा PC तेज चलेगा?

स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद करने से मुख्य रूप से आपके PC का बूटाइम (चालू होने का समय) तेज होगा, क्योंकि सिस्टम को कम प्रोग्राम्स लोड करने पड़ते हैं। इससे ओवरऑल सिस्टम पर लोड भी कम होता है, जिससे सामान्य उपयोग के दौरान भी प्रदर्शन में थोड़ा सुधार हो सकता है, लेकिन यह मुख्य रूप से बूटिंग पर केंद्रित है।

क्या स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद करने से मेरे डेटा को कोई नुकसान होगा?

नहीं, स्टार्टअप प्रोग्राम्स को बंद करने से आपके डेटा को कोई नुकसान नहीं होगा। यह केवल यह नियंत्रित करता है कि कौन से प्रोग्राम्स आपके PC के साथ ऑटोमेटिकली स्टार्ट होते हैं। आपके डेटा या इंस्टॉल्ड प्रोग्राम्स पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। आप उन प्रोग्राम्स को ज़रूरत पड़ने पर मैन्युअल रूप से खोल सकते हैं।

अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: Microsoft Support

निष्कर्ष

एक स्लो बूट होने वाला PC हर किसी के लिए निराशाजनक हो सकता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका समाधान अक्सर आपकी उंगलियों पर ही होता है। अनावश्यक स्टार्टअप प्रोग्राम्स को पहचानना और उन्हें अक्षम करना आपके PC के बूटाइम को काफी हद तक सुधारने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। क्लाउड सिंक सेवाओं, कम्युनिकेशन ऐप्स, अपडेट मैनेजर्स और प्रिंटर यूटिलिटी जैसे प्रोग्राम्स को मैनेज करके आप अपने कंप्यूटर को तेज़ी से चालू कर सकते हैं और अपनी उत्पादकता बढ़ा सकते हैं।

थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी के साथ, आप अपने PC को एक बार फिर से तेज़ और प्रतिक्रियाशील बना सकते हैं।

⚠️ यह जानकारी सिर्फ़ सामान्य समझ के लिए दी गई है। कोई भी महत्वपूर्ण कदम उठाने से पहले मौजूदा Specifications या Instructions आधिकारिक स्रोत से ज़रूर जांच लें।

Did you find this post helpful?
 1 0
100%
0%

Leave a Comment